बलिया में मोबाइल-मंगलसूत्र छीनने वाले आरोपी को जेल, 4 हजार रुपये जुर्माना

Sk. Gupta
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बलिया में मोबाइल और मंगलसूत्र छीनने वाले आरोपी को जेल, कोर्ट ने लगाया 4 हजार रुपये का जुर्माना

बलिया में झपटमारी के आरोपी को सजा!


बेल्थरारोड, बलिया: मोबाइल फोन और मंगलसूत्र झपटकर भागने तथा विरोध करने पर जान से मारने की धमकी देने के मामले में न्यायालय ने एक आरोपी को दोषी ठहराते हुए कारावास और अर्थदंड की सजा सुनाई है। यह कार्रवाई बलिया पुलिस की ओर से चलाए जा रहे ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत प्रभावी पैरवी के बाद संभव हुई। न्यायालय के फैसले को आपराधिक मामलों में पुलिस और अभियोजन पक्ष की संयुक्त कार्रवाई का महत्वपूर्ण परिणाम माना जा रहा है।

पुलिस के अनुसार, उभांव थाना क्षेत्र में वर्ष 2025 में हुई मोबाइल फोन और मंगलसूत्र छिनैती की घटना के मामले में आरोपी दीपक पासवान को न्यायालय ने दोषसिद्ध पाया। अदालत ने अलग-अलग धाराओं में कारावास और जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माने की राशि जमा नहीं करने की स्थिति में आरोपी को अतिरिक्त साधारण कारावास भी भुगतना होगा।

क्या है पूरा मामला?

पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, यह मामला थाना उभांव में दर्ज मुकदमा अपराध संख्या 142/2025 से संबंधित है। आरोप है कि 24 मई 2025 को दीपक पासवान और उसके अन्य सहअभियुक्तों ने मिलकर वादी का मोबाइल फोन और मंगलसूत्र झपट्टा मारकर छीन लिया था। घटना के दौरान जब पीड़ित पक्ष ने इसका विरोध किया, तो आरोपियों की ओर से जान से मारने की धमकी भी दी गई।

घटना के बाद इस संबंध में उभांव थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस ने मामले की जांच और आवश्यक कानूनी कार्रवाई की। इसके बाद न्यायालय में मुकदमे की सुनवाई हुई। पुलिस और अभियोजन पक्ष की ओर से मामले में प्रभावी पैरवी की गई, जिसके परिणामस्वरूप न्यायालय ने आरोपी को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई।

आरोपी दीपक पासवान को किन धाराओं में मिली सजा?

इस मामले में दोषी पाए गए आरोपी की पहचान दीपक पासवान पुत्र लालदेव पासवान के रूप में हुई है। वह बलिया जिले के रेवती थाना क्षेत्र के वार्ड नंबर-09 दक्षिण टोला का निवासी बताया गया है। न्यायिक दंडाधिकारी, कोर्ट संख्या-02, बलिया ने मामले की सुनवाई के बाद आरोपी को भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं में दंडित किया।

न्यायालय की ओर से सुनाई गई सजा का विवरण इस प्रकार है:

  • धारा 304(2) बीएनएस: इस धारा के तहत आरोपी को एक वर्ष का साधारण कारावास और 2,000 रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई गई है। जुर्माने की राशि जमा नहीं करने पर 15 दिन का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।
  • धारा 351(3) बीएनएस: इस धारा के तहत आरोपी को एक वर्ष चार माह सात दिन का साधारण कारावास और 2,000 रुपये अर्थदंड से दंडित किया गया है। अर्थदंड जमा नहीं करने पर 15 दिन का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।

इस प्रकार दोनों धाराओं में मिलाकर आरोपी पर कुल 4,000 रुपये का अर्थदंड लगाया गया है। इसके अतिरिक्त, प्रत्येक धारा के तहत निर्धारित जुर्माना जमा नहीं करने पर अलग-अलग अतिरिक्त कारावास का प्रावधान आदेश में बताया गया है।

ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत हुई प्रभावी पैरवी

बलिया पुलिस की ओर से अपराधियों को न्यायालय से सजा दिलाने के उद्देश्य से ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत मामलों की लगातार निगरानी और प्रभावी पैरवी की जा रही है। इसी अभियान के अंतर्गत उभांव थाने से जुड़े इस मामले में भी मॉनिटरिंग सेल और अभियोजन विभाग ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

पुलिस अधीक्षक बलिया डॉ. ईरज राजा के निर्देशन में चल रही इस प्रक्रिया के तहत मुकदमे की पैरवी को गंभीरता से आगे बढ़ाया गया। पुलिस के अनुसार, संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के समन्वित प्रयास से न्यायालय में मामले की प्रभावी पैरवी हुई और आरोपी को दोषसिद्ध करार देते हुए सजा सुनाई गई।

इन अधिकारियों और कर्मचारियों की रही अहम भूमिका

इस मामले में आरोपी को सजा दिलाने की प्रक्रिया में अभियोजन और पुलिस विभाग से जुड़े कई लोगों का योगदान रहा। पुलिस की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, अभियोजन अधिकारी सुनील कुमार गौतम ने मामले की पैरवी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वहीं पैरोकार कांस्टेबल पवनेश और कोर्ट मोहर्रिर हेड कांस्टेबल अक्षय कुमार का भी सहयोग रहा।

इसके अलावा मॉनिटरिंग सेल और अभियोजन विभाग की सक्रियता को भी इस फैसले में महत्वपूर्ण बताया गया है। पुलिस का कहना है कि न्यायालय में मुकदमों की प्रभावी पैरवी के माध्यम से अपराधियों को सजा दिलाने का अभियान आगे भी जारी रहेगा।

बलिया पुलिस ने क्या बताया?

बलिया पुलिस के मुताबिक, ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत गंभीरता से की जा रही पैरवी के सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। इस मामले में भी पुलिस टीम, मॉनिटरिंग सेल और अभियोजन विभाग के संयुक्त प्रयास से आरोपी को न्यायालय से सजा दिलाई गई। पुलिस ने संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के योगदान को महत्वपूर्ण बताया है।

यह मामला इस बात को भी रेखांकित करता है कि किसी आपराधिक घटना के बाद मुकदमे की जांच के साथ-साथ न्यायालय में समय पर और प्रभावी पैरवी भी महत्वपूर्ण होती है। पुलिस की कार्रवाई और अभियोजन पक्ष की भूमिका के बाद ही मामले में न्यायालय द्वारा फैसला सुनाया गया।

पूरे मामले की मुख्य बातें

  • घटना की तारीख: 24 मई 2025
  • मामला: मोबाइल फोन और मंगलसूत्र छीनने तथा धमकी देने का आरोप
  • थाना: उभांव, जिला बलिया
  • मुकदमा अपराध संख्या: 142/2025
  • दोषी आरोपी: दीपक पासवान पुत्र लालदेव पासवान
  • न्यायालय: न्यायिक दंडाधिकारी, कोर्ट संख्या-02, बलिया
  • धारा 304(2) बीएनएस: एक वर्ष साधारण कारावास और 2,000 रुपये अर्थदंड
  • धारा 351(3) बीएनएस: एक वर्ष चार माह सात दिन साधारण कारावास और 2,000 रुपये अर्थदंड
  • कार्रवाई: ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत प्रभावी पैरवी

निष्कर्ष

बलिया के उभांव थाना क्षेत्र में मोबाइल फोन और मंगलसूत्र छीनने के मामले में न्यायालय का यह फैसला पुलिस और अभियोजन विभाग की प्रभावी पैरवी का परिणाम है। 24 मई 2025 को हुई घटना के मामले में आरोपी दीपक पासवान को दोषी ठहराते हुए न्यायालय ने कारावास और कुल 4,000 रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। बलिया पुलिस ने इस कार्रवाई को ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत मिली सफलता बताया है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

1. बलिया में मोबाइल और मंगलसूत्र छीनने के मामले में आरोपी को कितनी सजा हुई?

न्यायालय ने आरोपी दीपक पासवान को धारा 304(2) बीएनएस के तहत एक वर्ष का साधारण कारावास और 2,000 रुपये जुर्माना तथा धारा 351(3) बीएनएस के तहत एक वर्ष चार माह सात दिन का साधारण कारावास और 2,000 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।

2. आरोपी का नाम क्या है?

इस मामले में दोषी पाए गए आरोपी का नाम दीपक पासवान है। वह लालदेव पासवान का पुत्र और बलिया जिले के रेवती थाना क्षेत्र के वार्ड नंबर-09 दक्षिण टोला का निवासी है।

3. यह घटना कब हुई थी?

पुलिस के अनुसार, मोबाइल फोन और मंगलसूत्र छीनने की यह घटना 24 मई 2025 को हुई थी।

4. यह मामला बलिया के किस थाने में दर्ज हुआ था?

इस घटना के संबंध में बलिया जिले के उभांव थाने में मुकदमा अपराध संख्या 142/2025 दर्ज किया गया था।

5. आरोपी ने पीड़ित से क्या छीना था?

पुलिस के मुताबिक, आरोपी और उसके अन्य सहअभियुक्तों ने मिलकर वादी का मोबाइल फोन और मंगलसूत्र झपट्टा मारकर छीन लिया था। विरोध करने पर जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप था।

6. आरोपी पर कुल कितना जुर्माना लगाया गया है?

दोनों धाराओं में मिलाकर न्यायालय ने कुल 4,000 रुपये का अर्थदंड लगाया है। प्रत्येक धारा के तहत जुर्माना जमा नहीं करने पर 15 दिन का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।

7. आरोपी को किस न्यायालय ने सजा सुनाई?

इस मामले में न्यायिक दंडाधिकारी, कोर्ट संख्या-02, बलिया ने आरोपी को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई है।

8. ऑपरेशन कन्विक्शन क्या है?

ऑपरेशन कन्विक्शन पुलिस का ऐसा अभियान है, जिसके तहत आपराधिक मामलों में प्रभावी जांच, निगरानी और अभियोजन पक्ष की पैरवी के माध्यम से दोषियों को न्यायालय से सजा दिलाने पर जोर दिया जाता है।

9. इस मामले में किन पुलिसकर्मियों और अधिकारियों की भूमिका रही?

पुलिस के अनुसार, अभियोजन अधिकारी सुनील कुमार गौतम, पैरोकार कांस्टेबल पवनेश, कोर्ट मोहर्रिर हेड कांस्टेबल अक्षय कुमार तथा मॉनिटरिंग सेल की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

10. बलिया पुलिस ने आरोपी को सजा कैसे दिलाई?

बलिया पुलिस अधीक्षक डॉ. ईरज राजा के निर्देशन में ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत मॉनिटरिंग सेल और अभियोजन विभाग ने मामले की प्रभावी पैरवी की। इसी प्रक्रिया के बाद न्यायालय ने आरोपी को दोषी ठहराकर सजा सुनाई।

डिस्क्लेमर: इस समाचार में दी गई जानकारी पुलिस की ओर से उपलब्ध कराए गए विवरण पर आधारित है। सजा और धाराओं का उल्लेख उपलब्ध जानकारी के अनुसार किया गया है।

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